बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के दो दिवसीय पांचवें सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव में प्रदेश के छह सीमांत पर्वतीय जिलों के 240 से अधिक बाल वैज्ञानिकों और उनके शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। महोत्सव की मुख्य थीम जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम प्रबंधन रखी गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नई खोज करने की क्षमता को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विज्ञान और नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। दो दिवसीय महोत्सव के दौरान विज्ञान मॉडल प्रस्तुतीकरण, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, हिंदी और अंग्रेजी में वैज्ञानिक कविता पाठ और विज्ञान नाटक जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। वहीं बाल चौपाल के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम में पहुंचे यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत ने बताया कि यह आयोजन सीमांत जिलों के बच्चों को नया उत्साह देगा। दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों से बच्चों को नया सीखने का मौका मिलता है।
