हरिद्धार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में आयोजित की गई कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों तथा युवाओं के हित में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया। कैबिनेट बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने, सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती नियमावली में संशोधन, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को सुदृढ़ करने और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को विनियमित करने सहित कई प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। इसके साथ ही विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी भी दी गई।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही, राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में भी केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा की।
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
निवेश और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने के लिए उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2023 की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों और संबंधित संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और कारोबार के अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। इसके माध्यम से छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने तथा मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करना तथा बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके अलावा, राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए क्षैतिज आरक्षण संबंधी नई नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी गई। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
