मुख्य सचिव ने परखी सिटी फॉरेस्ट पार्क की धड़कन,   डिजिटल फीडबैक सिस्टम के दिए निर्देश

देहरादून। एमडीडीए के सिटी फॉरेस्ट पार्क को और अधिक आधुनिक, सुविधायुक्त और जनहितैषी बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के बाद उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित पार्क का विस्तृत निरीक्षण किया और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, कैफेटेरिया, साइकिल ट्रैक, थ्री-डी मूवी थिएटर, सोलर प्लांट, नर्सरी, ओपन जिम, ओपन थिएटर, ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा पूछताछ केंद्र सहित पार्क की प्रमुख सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पार्क में मौजूद नागरिकों, पर्यटकों और कैफेटेरिया संचालकों से बातचीत कर सुविधाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में फीडबैक भी लिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थल की सफलता उसकी जनस्वीकृति और उपयोगिता पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्क आने वाले लोगों की राय और सुझाव प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे नागरिक सीधे अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकें। उनका मानना था कि तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से सार्वजनिक सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने पार्क की स्वच्छता, हरित क्षेत्र, ऊर्जा संरक्षण व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय पहलुओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क शहरी जीवन के बीच प्रकृति से जुड़ने का उत्कृष्ट माध्यम बनकर उभरा है। यहां उपलब्ध सुविधाएं इसे परिवारों, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श सार्वजनिक स्थल बनाती हैं।
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद एमडीडीए ने पार्क की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों और निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। पार्क में डिजिटल सेवाओं, जनसुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून के सबसे बेहतर सार्वजनिक स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन का उत्सव है। योग हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। आज पूरी दुनिया योग की शक्ति को स्वीकार कर रही है और इसका श्रेय भारत तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को जाता है। वर्तमान समय में मानसिक तनाव, असंतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का सबसे सरल माध्यम है। उत्तराखंड जैसी देवभूमि में योग का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां की संस्कृति, प्रकृति और आध्यात्मिक परंपराएं योग के मूल भाव को मजबूत करती हैं। मेरा सभी प्रदेशवासियों से आग्रह है कि वे योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सिटी फॉरेस्ट पार्क में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज में योग के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि एमडीडीए के सभी सार्वजनिक स्थलों को स्वास्थ्य और जनकल्याण से जोड़ते हुए लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए। योग को अपनाकर हम स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में लोगों का उत्साह बेहद प्रेरणादायक रहा। एमडीडीए का प्रयास है कि शहरवासियों को ऐसे हरित और स्वस्थ वातावरण वाले सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराए जाएं, जहां वे प्रकृति के बीच समय बिता सकें। योग दिवस का आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भविष्य में भी पार्क में स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित हो सकें।

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